हांगझोउ . एशियाई खेलों के सातवें दिन भी भारत का स्वर्णिम सफर जारी रहा. टेनिस में अनुभवी रोहन बोपन्ना और रुतुजा भोसले की जोड़ी तो स्क्वॉश में पुरुषों ने सोना जीता. निशानेबाजों ने रजत पर निशाना लगाया.
एथलेटिक्स में रजत और कांसा जीता. इससे भारत ने शनिवार को दो स्वर्ण और दो रजत और एक कांस्य सहित पांच पदक जीते. भारतीय खिलाड़ी दस स्वर्ण सहित 38 पदकों के साथ तालिका में चौथे स्थान पर बने हुए हैं.
टेनिस बोपन्ना-रुतुजा की जोड़ी का कमाल
बोपन्ना-रुतुजा ने पहला सेट हारने के बाद वापसी करते हुए चीनी ताइपे के सुंग हाओ हुआंग और एन शुओ लियांग को 2-6, 6-3, 10-4 से पराजित कर सोना जीता. यह इन खेलों का टेनिस में दूसरा पदक है. इससे पहले शुक्रवार को साकेत माइनेनी और रामकुमार रामनाथन ने पुरुष युगल रजत पदक जीता था.
भारत ने टेनिस में 2002 में बुसान में चार, 2006 में दोहा में चार, 2010 में ग्वांग्झू में पांच, 2014 में इंचियोन में पांच और 2018 में जकार्ता में तीन पदक जीते थे.
शीर्ष वरीय भारतीय पुरुष टीम ने स्क्वाश स्पर्धा में पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराकर नौ साल बाद स्वर्ण पदक जीता. जीत के नायक अभय सिंह रहे जिन्होंने उतार-चढ़ाव भरे निर्णायक मैच में गजब का संयम दिखाते हुए नूर जमां को 3-2 से पराजित किया.
जमां चौथे गेम में 9-7 से और निर्णायक गेम में 10-8 से आगे चल रहे थे. लेकिन अभय किसी तरह वापसी कर मैराथन मुकाबले में 11-7, 9-11, 8-11, 11-9, 12-10 के स्कोर से यादगार जीत दर्ज की. इस जीत के बाद उन्होंने रैकेट हवा में उछाल दिया. सौरव घोषाल ने असीम पर 3-0 की जीत से भारत की वापसी कराई. महेश शुरुआती मैच में इकबाल से 0-3 से हार गए थे. भारत ने लीग में पाक से मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया.
22वां जन्मदिन मना रहे सरबजोत सिंह और दिव्या टीएस की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत पर निशाना साधा. भारतीय जोड़ी को फाइनल में विश्व चैंपियन चीनी जोड़ी झांग बोवेन और जियांग रेंशिन के हाथों 14-16 से शिकस्त मिली. निशानेबाज अब तक छह स्वर्ण, आठ रजत और पांच कांस्य सहित 19 पदक जीत चुके हैं.
सरबजोत स्वर्ण दिलाने के करीब थे पर दिव्या ने आखिर में कुछ खराब निशाने लगाए जिससे चीन ने बढ़त बना ली. क्वालीफिकेशन में सरबजोत ने 291 जबकि दिव्या ने 286 का स्कोर किया. दोनों का कुल स्कोर 577 रहा और वे क्वालीफिकेशन में चीन से एक अंक आगे रहे थे.
