सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगजनों को नीचे की बर्थ मिलेगी

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नई दिल्ली . रेलवे बोर्ड ने शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम दिव्यांगजनों के लिए सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों, गरीब रथ ट्रेनों में बर्थ का कोटा आरक्षित कर दिया है. रेल टिकट बुक कराते समय उनको अनिवार्य रूप से नीचे की बर्थ दी जाएगी और उनके सहायकों को बीच की बर्थ मिलेगी. 2018 में महिलाओं को अनिवार्य रूप से कोटे के तहत नीचे की बर्थ देने की व्यवस्था के पश्चात रेलवे ने अब दिव्यांगों को यह सुविधा देने का फैसला किया है.

रेलवे बोर्ड ने 31 मार्च को सभी 17 जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को उक्त निर्देश जारी कर दिए हैं. बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विभिन्न श्रेणियों के तहत यात्री ट्रेनों में बर्थ का कोटा फिक्स है. इसके तहत दिव्यांगजनों के लिए मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों व गरीब रथ में स्लीपर में नीचे की दो बर्थ (लोअर बर्थ) और उनके सहायक को बीच की दो बर्थ (मिडल बर्थ) दी जाएंगी. जबकि एसी-3 श्रेणी में नीचे की एक बर्थ और बीच की बर्थ उनके सहायक को मिलेगी.

अधिकारी ने बताया, जिन यात्री ट्रेनों में एसी-3 नहीं है उसके स्थान पर एसी-3 इकोनोमी श्रेणी है, उक्त व्यवस्था को लागू किया जाएगा. गरीब रथ में नीचे की दो बर्थ व ऊपर की दो बर्थ देने का प्रावधान किया गया है. हालांकि, इस सुविधा के लिए उनको पूरा रेल किराया देना होगा. इसके अलावा ट्रेनों के सिटिंग द्वितीय श्रेणी या एसी-चेयरकार दो सीटे दिव्यांगों के लिए आरक्षित होंगी. विदित हो कि दिव्यांगता के 21 प्रकार एवं उनके लक्षण जैसे बौनापन, मांसपेशी दुर्विकास, तेजाब हमला पीड़ित, दृष्टि बाधित, अल्पदृष्टि, श्रवण बाधित, कम-ऊंचा सुनना, बोलने और भाषा की दिव्यांगता, कुष्ठ रोग, मस्तिष्क घात, बहु दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, सीखने की दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं.

2018 से महिलाओं के लिए विशेष कंपार्टमेंट

अधिकारी ने बताया कि फरवरी 2018 में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से मेल-एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों के स्लीपर कोच में विशेष कंपार्टमेंट की व्यवस्था शुरू की थी. इसमें महिला कोटा के तहत अकेली महिला अथवा महिला समूह को कोच में एक जगह पर छह बर्थ आंवटित की जाती हैं. जिससे उनका विशेष कंपार्टमेंट बन जाता है. इसमें हर ट्रेन में स्लीपर क्लास के कोच में अकेली या महिला समूह व गर्भवती महिला को एक साथ छह बर्थ आवंटित की जाती हैं. जबकि एसी-2 व 3 में तीन लोअर बर्थ महिलाओं के नाम होती हैं.

रेलवे बोर्ड ने शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम लोगों के लिए सभी मेल-एक्सप्रेस और गरीब रथ ट्रेनों में बर्थ का कोटा आरक्षित किया

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