मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर उद्योगपति साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) की मृत्यु के तीन महीने बाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने घटना स्थल पर क्रैश कुशन या क्रैश एटेन्यूएटर स्थापित किया है. क्रैश कुशन वाहनों को एक्सीडेंट (Accident) से बचा सकता है. माना जाता है कि ऐसे सकरे किनारों पर लोगों को इंडिकेट कर देने हादसों में कमी आएगी.
पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) बालासाहेब पाटिल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि दुर्घटना के बाद से पिछले तीन महीने में वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए चरोटी पुल पर बदलाव और मरम्मत की गई है.
बालासाहेब पाटिल ने कहा, “इससे पहले, हमने एक बैठक में फैसला किया था कि राजमार्ग पर चार अलग-अलग जगहों पर एम्बुलेंस उपलब्ध होगी ताकि दुर्घटनाओं में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा सके. इसके अलावा, हमने तीन लेन के मार्ग को दो लेन में बदल दिया और गति सीमा को लेकर बोर्ड लगाए हैं.” उन्होंने कहा कि इलाके में अवैध रूप से सड़क काटने पर रोक लगा दी गई है. “हमने वाहनों की गति कम करने के लिए रंबल स्ट्रिप्स लगाई, नए डिलेनिएटर और ब्लिंकर्स लगाए और राजमार्ग पर गड्ढों की मरम्मत कराई.” आने वाले दिनों में और बदलाव होने की संभावना है. मिस्त्री (54) और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की चार सितंबर को चरोटे पुल की रेलिंग से कार टकराने के बाद मौत हो गई थी. स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनाहिता पंडोले (55) और उनके पति को गंभीर चोटें आई.
इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (IRF) के मानद अध्यक्ष केके कपिला ने कहा था कि ऑडिट में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कम लागत वाले उपायों की सिफारिश की गई है. उन्होंने कहा था कि इन उपायों के तहत घुमावदार रास्तों और पुलों से पहले अधिकतम गति सीमा बताने वाले सिंबल, ओवरटेकिंग के खिलाफ चेतावनी, इमरजेंसी रखरखाव, बीच-बीच में खुली जगहों को बंद करने और चालकों को गाइड करने के लिए उचित सिंबल को अंकित करने की सिफारिश की गई थी.
