कतर में भारतीय नौसेना के आठ रिटायर्ड अधिकारी नजरबंद, ऑफिसर की बहन ने पीएम मोदी से लगाई मदद की गुहार

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अगस्त के अंत से कतर की हिरासत में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों की रिहाई के प्रयासों को बल देने के लिए सरकार ने एक वरिष्ठ अधिकारी को दोहा भेजा है. भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को कतर में गिरफ्तार कर लिया गया था. ये सभी अधिकारी कतर में एक कंपनी में नौकरी कर रहे थे.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अधिकारी ने अक्टूबर के अंत में दोहा की यात्रा की. पिछले 10 दिनों में, भारत सरकार कतर सरकार के साथ बातचीत कर रही है लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. पिछले हफ्ते ऐसा लग रहा था कि इन आठ अधिकारियों को कुछ दिनों के भीतर रिहा किया जा सकता है लेकिन ऐसा हुआ नहीं. जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत होने के बाद ये सभी 8 नौसैनिक कतर की एक निजी कंपनी दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्टेंसीज सर्विसेज में काम कर रहे थे. यह कंपनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है. कंपनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा और अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है.

भारतीय नौसेना के आठ रिटायर्ड ऑफिसर कतर में पिछले दो महीने से नजरबंद हैं. इसमें एक ऑफिसर की बहन ने अपने भाई की रिहाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सीएम शिवराज सिंह से मदद मांगी है.

ग्वालियर की रहने वाली रिटायर्ड ऑफिसर पूर्णेन्दु तिवारी की बहन डॉक्टर मीतू भार्गव का कहना है कि उनका भाई पिछले 70 दिनों से कतर में नजरबंद है. न तो उससे कोई मुलाकात हो रही है और नहीं यह पता लग पा रहा है कि वह कैसा है. इसके लिए डॉ. मीतू ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द उनके भाई को रिहा करा दिया जाए.

मीतू भार्गव ने सरकार को ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि उनके भाई पूर्णेन्दु तिवारी जोकि इंडियन आर्मी से रिटायर्ड ऑफिसर हैं. वे अन्य ऑफिसरों के साथ कतर की कंपनी ‘दहला ग्रोवल टेक्नोलॉजी एंड कंसलटेंसी सर्विसेज’ के लिए काम करते हैं. उनके भाई पूर्णेन्दु कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर है. कंपनी की ओर से यह सभी आठ रिटायर्ड इंडियन नेवी ऑफिसर कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और दूसरी जरूरी सेवाएं देने गए हुए थे. वहां की सरकार ने अचानक आठ रिटायर्ड ऑफिसर को निगरानी में लेकर नजरबंद कर दिया है.

मीतू भार्गव का कहना है कि आठों रिटायर्ड भारतीय नौसेना के अधिकारी रहे हैं. यह सभी जिस कंपनी में काम कर रहे हैं, वह कंपनी खुद को कतर रक्षा सुरक्षा और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापार भागीदारी के रूप में सेवाएं देती है.

डॉ. मीतू भार्गव ने बताया कि उसके भाई पूर्णेन्दु तिवारी को साल 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार मिल चुका है. मीतू ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इन भारतीयों को किस कारण हिरासत में लिया गया है और उन पर क्या आरोप है. इस बात की जानकारी के लिए उन्होंने कई बार संपर्क किया है लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसलिए उन्होंने ट्वीट कर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि उनके भाई रक्षा करें.

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