पूरे ज्ञानवापी परिसर की जीपीआर तकनीकी या कार्बन डेटिंग पद्धति से एएसआई सर्वे कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने मंगलवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में अर्जी दी है.
अधिवक्ता ने प्रकरण पर अर्जेंट सुनवाई की मांग की है. सुनवाई के दौरान विपक्षी अंजुमन इंतजामिया की ओर से आपत्ति दर्ज करने के लिए समय मांगा गया. कोर्ट ने अगली सुनवाई की 22 मई नियत की है. शृंगार गौरी केस की वादी महिलाएं लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट को बताया, पिछले वर्ष मई में कोर्ट कमीशन की कार्यवाही हुई थी. तब ज्ञानवापी परिसर के खम्भों पर संस्कृत के श्लोक, घंटियां, त्रिशूल व पश्चिमी दीवार पर शृंगार गौरीका विग्रह पाया गया था.
