आरबीआई ने अडानी समूह को दिए कर्ज का ब्योरा मांगा

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मुबंई . भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों से अडानी समूह को दिए गए कर्ज का ब्योरा मांगा है. बैंकिंग सूत्रों ने यह जानकारी दी. इससे एक दिन पहले शेयर की कीमतों में भारी गिरावट के बीच समूह की प्रमुख फर्म अडानी एंटरप्राइजेज के 20,000 करोड़ रुपये के एफपीओ को वापस ले लिया गया था. 24 जनवरी से लेकर अब तक अडानी समूह की सात कंपनियों के शेयरों में लगभग 100 अरब डॉलर की गिरावट आई है.

इस बीच, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अडानी समूह की तीन कंपनियों- अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट्स को एडिशनल सर्विलांस मेजर्स के तहत रखने का फैसला लिया है. इसमें रखने से को कंपनी पर किसी कार्रवाई की तरह नहीं देखा जाता है. इसका मकसद शेयरों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पर अंकुश लगाना होता है. आसान भाषा में समझें तो इसके तहत कंपनियां बोनस, डिविडेंड, स्टॉक स्प्लिट आदि पर फैसले ले सकती हैं और इसका फायदा शेयरहोल्डर को भी मिलता है.

उधर स्विटजरलैंड के ऋणदाता क्रेडिट स्विस ने बुधवार को मार्जिन कर्ज देने के लिए अडानी समूह की कंपनियों के बॉन्ड को गारंटी के रूप में स्वीकार करना बंद कर दिया था. वहीं सिटीग्रुप ने भी गुरुवार को अडानी समूह की सिक्योरीटीज को स्वीकार करने से इनकार कर दिया.

बोरिस जॉनसन के भाई ने अडाणी से जुड़ी कंपनी से इस्तीफा दिया

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के छोटे भाई लॉर्ड जो जॉनसन ने अडानी एंटरप्राइजेज से संबंधित ब्रिटेन की निवेश कंपनी एलारा कैपिटल से इस्तीफा दे दिया है. द फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया जॉनसन पिछली जून में इस कंपनी से जुड़े थे. एलारा खुद को पूंजी बाजार की कंपनी बताती है जो भारतीय कंपनियों के लिए धन जुटाने का करने का काम करती है.

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