इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन के पहले दिन समारोह में जयशंकर ने कहा कि सरकार ने विदेशों में भारतीय युवाओं को बेहतर वातावरण देने के लिए जर्मनी, डेनमार्क, पुर्तगाल, फ्रांस व ब्रिटेन के साथ हाल ही में प्रवासन (माइग्रेशन) और यात्राओं (मोबिलिटी) को लेकर साझेदारी की है. ऑस्ट्रिया के साथ वर्किंग हॉलीडे कार्यक्रम पर दस्तखत किए हैं व ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय पेशेवरों के लिए अधिक उदार वातावरण की पेशकश की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में कुछ और देश भारतीयों को वीजा देने के प्रावधानों को उदार बनाएंगे.
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत को विश्व से जोड़ने के मामले में देश की युवा पीढ़ी आगे है. यह पीढ़ी पढ़ाई, नौकरी और यात्राओं से दूसरे देशों से भारत के संबंध मजबूत कर रही है.
विदेश में पढ़ने वाले भारतीय विद्यार्थी आमतौर पर वहां कमाई करके अपने ऋण का भुगतान करते हैं. भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए विदेश जाते रहे हैं. 2021 में ही चार लाख भारतीय विदेश पढ़ने के लिए गए.
केंद्रीय केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को युवा भारतीय प्रवासियों से भारत में निवेश करने, नवाचार शुरू करने और देश की समस्याओं का समाधान करने में योगदान देने की अपील की. ठाकुर ने कहा, भारत 2022 में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. उसने उस देश (ब्रिटेन) को पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की, जिसने 200 वर्षों तक उस पर राज किया.
मोदी आज प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर इंदौर में मौजूद रहेंगे. पीएम ने ट्वीट किया, 9 जनवरी को वह प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर इंदौर में रहेंगे. यह हमारे प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को मजबूत करने का महान अवसर है, जिसने खुद को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया है.
फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट 1999 भारतीय प्रवासियों को भारत में निवेश करने की अनुमति देता है. प्रवासी भारत में म्युचुअल फंड, इक्विटी, फिक्स्ड डिपॉजिट व रियल एस्टेट में निवेश कर रहे हैं. बढ़ते अवसरों के बीच निवेश भी बढ़ रहा है.
क्यों मनाया जाता है
हर दो साल में नौ जनवरी को भारत में प्रवासी भारतीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है. महात्मा गांधी 1915 में इसी दिन दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस लौटे थे. इसलिए उनके भारत आगमन की याद में यह दिन प्रवासी भारतीय दिवस के तौर पर चुना गया.
