कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्रों में विविधता लाने की आवश्यकता : नितिन गडकरी

rashtrapathnews.com
0 0
Share on Social Media
Read Time:3 Minute, 41 Second

नई दिल्ली, 27 अगस्त  पेट्रोलियम उत्पादों के भारी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र ने भारत में फ्लेक्स इंजन लॉन्च करने का फैसला किया है.

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि देश पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर प्रति वर्ष 15 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है, इसलिए कृषि क्षेत्र को ऊर्जा और बिजली क्षेत्रों में विविधता लाने की आवश्यकता है.

मुंबई में राष्ट्रीय सह उत्पादन पुरस्कार 2022 के सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, गडकरी ने उद्योग को भविष्य की प्रौद्योगिकियों की मदद से वैकल्पिक ईंधन पर ध्यान केंद्रित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता के बारे में बताया.

“जबकि हमारी 65-70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, हमारी कृषि विकास दर केवल 12-13 प्रतिशत है. गन्ना उद्योग और किसान हमारे उद्योग के लिए एक विकास इंजन हैं. अगला कदम चीनी से राजस्व बढ़ाने के लिए सह-उत्पादन होना चाहिए.”

गडकरी ने कहा, “उद्योग को कम चीनी का उत्पादन करना चाहिए और अधिक बाय प्रोडक्ट्स उत्पन्न करना चाहिए, भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए ²ष्टि को अपनाना चाहिए और ज्ञान को धन में बदलने के लिए नेतृत्व की शक्ति का उपयोग करना चाहिए. इससे किसान न केवल खाद्य उत्पादक बनेंगे, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बनेंगे.”

मंत्री ने कहा कि इस वर्ष जहां हमारी आवश्यकता 280 लाख टन चीनी की थी, वहीं उत्पादन 360 लाख टन से अधिक था.

“ब्राजील की स्थिति के कारण इसका उपयोग किया जा सकता है. हालांकि, हमें इथेनॉल की ओर उत्पादन को मोड़ने की जरूरत है क्योंकि इथेनॉल की आवश्यकता बहुत अधिक है. पिछले साल की क्षमता 400 करोड़ लीटर इथेनॉल थी; हमने इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए बहुत सारी पहल की है. अब उद्योग के लिए बायोएथेनॉल द्वारा संचालित बिजली जनरेटर जैसी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके इथेनॉल की मांग की योजना बनाने का समय है.”

मंत्री ने उद्योग को यह भी बताया कि सरकार ने भारत में फ्लेक्स इंजन लॉन्च करने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा, “बजाज, हीरो और टीवीएस पहले से ही फ्लेक्स इंजन बना रहे हैं, कई कार निमार्ताओं ने भी फ्लेक्स इंजन पर अपने मॉडल लॉन्च करने का वादा किया है.”

गडकरी ने कहा, “ऑटो-रिक्शा भी बायोएथेनॉल पर चलाए जा सकते हैं, निर्माण उपकरण उद्योग में भी वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी तरह, जर्मनी ने बायो-एथेनॉल पर ट्रेन चलाने के लिए तकनीक सिद्ध की है.”

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

एशिया कप ट्रॉफी का दौरा प्रशंसकों को उत्साहित करने का शानदार तरीका : जय शाह

Share on Social Mediaशारजाह (यूएई), 27 अगस्त  एशिया कप की शानदार ट्रॉफी ने अमीरात के कुछ सबसे प्रसिद्ध स्थलों का दौरा करते हुए शारजाह का दौरा पूरा किया. शारजाह कॉमर्स एंड टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी (एससीटीडीए) द्वारा आयोजित, गोल्डन ट्रॉफी के मलेहा रेगिस्तान, अल रफीसा बांध, अल नूर द्वीप, साथ ही […]

You May Like