छत्तीसगढ़ प्राचीनकाल से वन सम्पदा में समृद्ध राज्य रहा है। इन सघन वनों में हमारे पर्यावरण के साथ साथ जनजाति संस्कृति व वनोपज से राजस्व आय अर्जित करने एवं उद्योग के लिए कच्चा माल प्रदान कर एक विशेष आधार प्रदान करता है। यह प्रदेश के वन प्राणियों व जैव विविधता के लिए वरदान है।
छत्तीसगढ़ का कुल वन क्षेत्र 59772 वर्ग कि.मी. है।
यह राज्य के कुल क्षेत्र का 44.21% में विस्तारित है।
वन उद्योग अपने आप में एक अनूठा पहल है जिसकी सराहना प्रदेश के उद्योगपतियों ने की है औद्योगिक नीति 2019 से 2024 के प्रावधानों सहित को रोना काल में राज्य सरकार द्वारा वन उद्योग को रियायत दी गई व हर संभव मदद तत्काल किए जाएंगे वन उद्योग से वनांचल के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी व सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र स्थानीय समुदाय को भी सौंपा जाएगा राज्य सरकार द्वारा 1300 वनांचल के गांव के लोगों को 5 लाख हेक्टेयर से अधिक वन भूमि के उपयोग का अधिकार सौपा गया है राज्य में वृक्षारोपण के तहत इमरती पौधों के बजाय फलदार वृक्षों को महत्व दिया गया है इस वर्ष 8600000 से अधिक फलदार पौधे एवं वन औषधि वृक्षों का रोपण किया गया है जिससे स्थानीय लोगों को भरपूर आर्थिक लाभ होगा राज्य में नरवा नाला मेंसुधार कर जल स्तर को बढ़ाने का भी प्रयास किया गया है वर्ष 2019 सितम्बर माह तुलना में इस वर्ष जीएसटी संग्रह में वृद्धि हुई।
